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पवित्र कुर’आन के बाद, हदीद घोडसी इस्लामी शिक्षण का महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं। यह हदीद इस्लाम के सभी समय के प्रमुख नेताओं द्वारा व्यापक रुप से आदरणीय हैं और धर्म तथा निश्चितता के मार्ग पर आस्था के सिद्धांतों को स्पष्ट करने के लिए, प्राय: महान इस्लामी गूढज्ञान के कई प्रकाशनों में उद्धृत किया गया है।
ये हदीद अल्लाह के शब्द हैं, जिन्हें पैगम्बरों, संतों और उन्हें जिनके ह्र्दय पवित्र व परम दात्व्य परमेश्वर का आशीषप्राप्त थे, उनके समक्ष प्रकट किया गया।
"हदीद" शब्द को एक उद्धहरण, कहावत और ख़बर के रुप में पारिभाषित किया गया है।2 .
शेख़ थानी ने कहा है:
"ख़बर यानी हदीद, यह पैगम्बर (उन्हें शांति मिले), इमाम (उन्हें शांति मिले), पैगम्बर के साथी और अनुयायी, बुद्धिमान व्यक्ति, गरिमामयी या समकक्ष स्थान वाले जिनके कर्म और कृत्य हदीद के हों, उनके शब्द हैं।" 3
शेख़ बहाई अल-वजिज़ा उद्धृत करते हैं: "हदीद मासूमों के शब्दों, कार्यों और अभिव्यक्तियों को संप्रेषित करता है।"4
सय्यद शरीफ जोरज़ानी कहते हैं : "हदीद की सामग्री सर्वशक्तिमान से मिली है, जिसे पैगम्बर ने रहस्योद्धाटन या स्वप्न में प्राप्त किया और अपने शब्दों में उदघोषित किया। इसलिए पवित्र कुर’आन हदीद का पूर्ववर्ती है क्योंकि इसके शब्द निर्धारित रुप से सर्वशक्तिमान के द्वारा कहे गए हैं।"
उलूम-अल-हदीद वा मोस्तला नाम किताब में, हदीद घोडसी के बारे में कहा गया है:
"कभी-कभी अल्लाह के पैगम्बर अपने साथियों को उपदेश दिया मगर वे शब्द कुर’आन की तरह रहस्योद्धाटन के रुप में प्राप्त नहीं थे और ना ही वह पैगम्बर के अपने बयान थे लेकिन उन्होंने स्वयं को इस तरह से अभिव्यक्त किया कि यह अल्लाह की आज्ञा है। इन बयानों में पवित्र यथार्थ से प्राप्त जीवन, अनदेखे से प्रकाश, उनकी महिमा व उदारता छिपी हुई है। ऐसे बयानों को हदीद घोडसी कहा जाता है।"5.
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1. Sacred Sayings of Imam Ali and Prophet Mohammad (Monchengladbach, Germany: M.T.O. Shahmaghsoudi Publications. 2000)- p. VII-VIII
2. Dehkhoda Dictionary, Hadith. Nafisi Dictionary volume 2 p.122
3. Al-Re’ayat fi Elm-od-Darayat, p.50.
4. Elm-ol-Hadith va Darayat-ol-Hadith, p.8.
5. Oloom-ol-Hadith va Mostalaha, p. 122-123
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